पासपोर्ट इंडेक्स (Passport Index ) पूरी दुनियाँ मे सभी देशों के पासपोर्ट कितना मजबूत है उसका इंडेस्क Henley Passport Index एक रैंकिंग तैयार करता है। जो बताता है कि किसी देश का पासपोर्ट कितना ‘ताकतवर’ है उस देश के नागरिक बिना वीज़ा के कितने देशों या क्षेत्रों में यात्रा कर सकते हैं यह पासपोर्ट की वैश्विक गतिशीलता और वीज़ा-मुक्त पहुँच के आधार पर देशों को रैंक करता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और संबंधों में अंतर्दृष्टि मिलती है जिसमें सभी देशों की रैंकिंग समय समय पर बदलती रहती है किसी देश के नागरिक को किसी भी देश में बिना वीजा या आराम से यात्रा करने का मतलब उस देश और उस देश के नागरिकों पर एक अच्छा भरोसा होना है।
लन्दन की परामर्श संस्था हेनली एवं पार्टनर्स ने “हेनली पासपोर्ट सूचकांक (Henley Passport Index) जारी किया है। पासपोर्ट सूचकांक रिपोर्ट में कुछ देशों के रैंकिंग मे सुधार हुआ है जापान और सिंगापुर के पासपोर्ट दुनिया में सबसे प्रभावशाली बताए गये हैं। वहीं भारत जैसे देश की रैंकिंग गिरी है कुल 199 देशों में से भारत को इस सूचकांक में 85वां स्थान दिया गया है। हेनली पासपोर्ट सूचकांक रिपोर्ट 2006 में शुरू हुआहुई थी और हर 3 महीने में जारी होने वाला यह सूचकांक दुनिया भर में सबसे विश्वसनीय माना जाता है। इस सूचकांक में पासपोर्ट की रैंकिंग पहले से बने नियमों के आधार पर तय की जाती है।https://www.henleyglobal.com/passport-index/ranking
पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?
- Henley Passport Index यह एक वार्षिक रिपोर्ट है जो दुनिया के पासपोर्टों को उनकी शक्ति के अनुसार रैंकिंग देती है।
- ‘शक्ति’ का मतलब है कि पासपोर्ट धारक कितने देशों में पहले से वीज़ा लिए बिना (वीज़ा-मुक्त या वीज़ा-ऑन-अराइवल) यात्रा सकते हैं.
- यह अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के डेटा पर आधारित होता है और हेनले एंड पार्टनर्स द्वारा जारी किया जाता है.
- यह वैश्विक गतिशीलता और पासपोर्ट की शक्ति के बारे में जानकारी देता है.
- आर्टन कैपिटल (Arton Capital) पासपोर्ट इंडेक्स यह रैंकिंग रीयल-टाइम में अपडेट होती है और इसमें ‘मोबिलिटी स्कोर’ को आधार बनाया जाता है।
यह कैसे काम करता है?
- प्रत्येक देश के पासपोर्ट को 227 संभावित यात्रा स्थलों के आधार पर आंका जाता है।
- जिस देश में आप वीज़ा-मुक्त जा सकते हैं, उसकी संख्या ही आपका स्कोर होती है।
- उदाहरण के लिए, अमेरिका के नागरिक कई देशों में वीज़ा-मुक्त या वीजा ऑन अराइवल जा सकते हैं, इसलिए उनका पासपोर्ट मजबूत माना जाता है।
मुख्य बातें
- उच्च रैंकिंग: जापान, जर्मनी, स्पेन जैसे देशों के पासपोर्ट शीर्ष पर होते हैं, क्योंकि उनके नागरिक सबसे अधिक देशों में आसानी से यात्रा कर सकते हैं
- किसी भी देश का पासपोर्ट मजबूत है यह वहाँ के नागरिकों और वहाँ के हालात पर भी निर्भर है जैसे भारतीय जिस देश में जाते है कुछ न कुछ ऐसा करते है की उस देश की सरकार को मजबूर हो कर वीजा फ्री, वीजा ऑन अराइवल जैसे नियमों को शक्त करना पड़ता है जिसका मुख्य कारण अशिक्षा, बेरोजगारी आदि है।
- कम रैंकिंग वालें देश जिसमे अफगानिस्तान और इराक सीरिया जैसे देशों के पासपोर्ट सबसे कमजोर माने जाते हैं क्यों की ये देश आतंक प्रभावित देश है न कोई वहाँ जाना चाहता है न ही वहाँ के नागरिकों को अपने देश आने देना चाहता है।
- भारत की स्थिति: भारत की रैंकिंग में उतार-चढ़ाव आता रहता है यह समय के साथ सुधरती भी है और कभी-कभी गिरती भी है इस वर्ष भारतीय नागरिकों के लिए ईरान और कई देशों ने वीजा फ्री बंद कर दिया है।
- पासपोर्ट इंडेक्स आपको बताता है कि आपका पासपोर्ट आपको कितनी अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्रता और सुविधा देता है। कितने देश आपके पासपोर्ट पर भरोसा करते है। कोई भी देश ऐसे किसी भी देश के नागरिक को अपने देश में प्रवेश नहीं करने देते जो समस्या पैदा करते है जैसे भारत पाकिस्तान के नागरिकों के जल्दी आने नहीं देती आने पर शक्त नियमों का पालन करना पड़ता है।

पासपोर्ट इंडेक्स (Passport Index) में भारत की रैंकिंग
- एक वैश्विक रैंकिंग है जो दुनिया के विभिन्न देशों के पासपोर्ट की “शक्ति” या ताकत को मापती है। इसका मुख्य आधार यह होता है कि उस देश का पासपोर्ट धारक बिना पहले से वीजा लिए (Visa-free) कितने देशों की यात्रा कर सकता है। भारत की रैंकिंग 2025 (Henley Passport Index)
- रैंकिंग: नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान पर है।
- यह इंडेक्स 2006 में डॉ. क्रिश्चियन केलिन (हेनले एवं पार्टनर्स के अध्यक्ष) द्वारा शुरू किया गया था ।
- जापान ने लगातार 5वें वर्ष शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, इसके नागरिक 193 देशों में वीजा मुक्त यात्रा कर सकते हैं।
- द.कोरिया और सिंगापुर सूचकांक में संयुक्तरूप से दूसरे स्थान पर हैं। इन देशों के पासपोर्ट धारक 192 देशों में वीजा मुक्त यात्रा कर सकते हैं।
- जर्मनी और स्पेन को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला है जबकि फिनलैंड, इटली, लक्जमबर्ग चौथे स्थान पर हैं ।
- वीजा-मुक्त पहुंच: भारतीय पासपोर्ट धारक अब दुनिया के 57 देशों में बिना वीजा या ‘वीजा ऑन अराइवल’ के यात्रा कर सकते हैं।
- गिरावट: 2024 की तुलना में भारत की रैंकिंग में 5 पायदान की गिरावट आई है 2024 में यह 80वें स्थान पर था)।
महत्वपूर्ण बदलाव
- अमेरिका को झटका लगा है अमेरिकी पासपोर्ट दो दशकों में पहली बार टॉप-10 की सूची से बाहर होकर 12वें स्थान पर खिसक गया है।
- सबसे कमजोर पासपोर्ट का अफगानिस्तान है इसका मुख्य कारण वर्तमान में अफगानिस्तान के हालात है वहाँ के नागरिक अन्य देशों में शरण लेने को मजबूर है।
- सूडान , बांग्लादेश ,नेपाल ,उ.कोरिया , सोमालिया और पाकिस्तान का भी प्रदर्शन इस सूचकांक में अत्यंत ख़राब है।
- स्कोरिंग: यदि किसी देश के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है, तो उस पासपोर्ट को 1 अंक मिलता है। यदि वीजा, ई-वीजा या पहले से अनुमति जरूरी है, तो 0 अंक दिया जाता है।
- शक्ति का प्रतीक: एक शक्तिशाली पासपोर्ट न केवल पर्यटन में आसानी देता है, बल्कि यह उस देश की आर्थिक स्थिति, राजनयिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वास का प्रतीक होता है।
अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक Henley & Partners की वेबसाइट पर पूरी सूची देख सकते हैं।
- पासपोर्ट इंडेक्स में टॉप 10 देशों के नाम
- सिंगापुर 193
- दक्षिण कोरिया 190
- जापान 189
- जर्मनी, इटली, लक्ज़मबर्ग, स्पेन, स्विट्जरलैंड 188
- ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, आयरलैंड, नीदरलैंड 187
- ग्रीस, हंगरी, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, स्वीडन 186
- ऑस्ट्रेलिया, चेकिया, माल्टा, पोलैंड 185
- क्रोएशिया, एस्टोनिया, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, यूएई, यूके 184
- कनाडा 183
- लातविया, लिकटेंस्टीन 182

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