इंडिया में भी ई-बोर्डिंग पास सुरू,1 सितंबर से बड़ा बदलाव, विदेश जाने वाले यात्रियों को मोबाइल पर दिखाना होगा digital boarding पास

International Flights e Bording pass

अब भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन (Immigration) की मुहर लगवाने की प्रक्रिया खत्म होने जा रही है। आव्रजन(Immigration) अधिकारियों ने फैसला किया है कि 1 सितंबर 2026 से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन की मुहर नहीं लगाई जाएगी। इसके बाद यात्री अपने स्मार्टफोन पर ई-बोर्डिंग पास Immigration अधिकारी को दिखाकर आव्रजन मंजूरी प्राप्त कर करनी होगी, ई-बोर्डिंग पास (मोबाइल/डिजिटल बोर्डिंग पास) कई देशों में भारत से पहले ही सामान्य रूप से इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन एक जरूरी अंतर है मोबाइल पर बोर्डिंग पास स्वीकार करना और इमिग्रेशन की मुहर पूरी तरह बंद करना अलग-अलग बातें हैं। फिजिकल बोर्डिंग पास भी मान्य होंगे पर इसमें बदलाव सिर्फ इतना है कि Immigration अधिकारी द्वारा लगाया जाने वाला स्टाम्प नहीं लगेगा अब उस फिजिकल बोर्डिंग पास पर भी अधिकारी कोई मुहर (स्टैम्प) नहीं लगाएंगे, अराइवल पर पहले से बोर्डिंग पास पर स्टाम्प नहीं लगता है।

ध्यान देने वाली बात भारत नेपाल भारत भूटान को आने और जाने वाले उन यात्रियों को बोर्डिंग पास चाहिए जो पासपोर्ट के बिना यात्रा कर रहे है क्यों की वोटर ID या अन्य डाकुमेंट पर स्टाम्प नहीं लग सकता है। जैसे वोटर कार्ड से यात्रा करने वाले यात्रियों को अराइवल पर बोर्डिंग पास चाहिए जिस पर Immigration अधिकारी अराइवल स्टाम्प लगाता है।  

दुनिया के कई देशों में यात्रियों को मोबाइल या डिजिटल ई-बोर्डिंग पास की सुविधा पहले से उपलब्ध है। इनमें प्रमुख देश हैं सिंगापुर, UAE, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और स्पेन। भारत में भी डोमेस्टिक यात्रा के लिए ई-बोर्डिंग पास की सुविधा पहले से उपलब्ध है। अब अंतरराष्ट्रीय यात्रा को और अधिक पेपरलेस बनाने के लिए 1 सितंबर से बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन की मुहर लगाने की प्रक्रिया समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और सरल बनाना है।

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भारत तेजी से डिजिटल सुविधाओ की तरफ बढ़ता हुआ

भारत पिछले साल से कई डिजिटल सुविधाओं की सुरवात कर चुका है जिसमे डिजिटल अराइवल कार्ड (e-Arrival Card) और एयर सुविधा (Air Suvidha 2.0) e-OCI कार्ड सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए शुरू किए गए अलग-अलग और बेहद महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं, जिनका उद्देश्य हवाई अड्डे पर कागजी प्रक्रिया को खत्म कर यात्रा को आसान बनाना है यह दोनों डिजिटल सेवाएं यात्रियों के लिए बड़े उपलाभ (फ़ायदे) लेकर आई हैं, लेकिन ध्यान रहे कि ये दोनों अलग-अलग कामों के लिए हैं, evisa वीजा जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं पहले से भारत में चालू है।ऑफ इमिग्रेशन (BoI) के नए नियमों के तहत भारतीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन काउंटर पर फिजिकल बोर्डिंग पास की मुहर (स्टैम्पिंग) की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है. 

मोबाइल पर दिखाना होगा ई-बोर्डिंग पास

अधिकारियों के अनुसार, 1 सितंबर से बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की प्रक्रिया समाप्त कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि भारतीय हवाई अड्डों से विदेश जाने वाले यात्रियों को अब बोर्डिंग पास की कागजी प्रति पर इमिग्रेशन की मुहर लगवाने की जरूरत नहीं होगी। फिलहाल e-boarding पास और फिज़िकल बोर्डिंग पास दोनों मान्य होंगे डिजिटल अराइवल कार्ड की तरह। यात्री अपने स्मार्टफोन में मौजूद ई-बोर्डिंग पास (e-Boarding Pass) को आव्रजन अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।

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ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने जारी किए निर्देश

गृह मंत्रालय (MHA – Ministry of Home Affairs) के अधीन आने वाले ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (Bureau of Immigration) ने हाल ही में देश के सभी हवाई अड्डा अधिकारियों को इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी ने पाया कि आव्रजन प्रक्रिया के दौरान बोर्डिंग पास की कागजी प्रति पर मुहर लगाने से यात्रियों को काफी असुविधा हो रही थी।

तकनीकी गलतियों के कारण लिया गया फैसला

अधिकारियों के मुताबिक, कई बार बोर्डिंग पास पर लगी मुहर स्पष्ट नहीं होती थी या गलत जगह लग जाती थी। इसके कारण बाद में बोर्डिंग पास को पढ़ने में तकनीकी समस्याएं सामने आती थीं। इन समस्याओं को देखते हुए आव्रजन विभाग ने बोर्डिंग पास पर मुहर लगाने की पूरी प्रक्रिया को खत्म करने का निर्णय लिया है। कागजी बोर्डिंग पास रखना चाहें तो रख सकते हैं अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई यात्री कागजी बोर्डिंग पास अपने पास रखना चाहता है, तो उसे ऐसा करने की अनुमति रहेगी। हालांकि, 1 सितंबर से आव्रजन अधिकारी उस कागजी बोर्डिंग पास पर कोई मुहर नहीं लगाएंगे।

CISF पहले ही बंद कर चुकी है बोर्डिंग पास स्टैंपिंग

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF – Central Industrial Security Force) द्वारा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बोर्डिंग पास पर सुरक्षा जांच के दौरान स्टैंप लगाने की व्यवस्था पहले ही बंद की जा चुकी है। यात्रियों को बोर्डिंग पास केवल आव्रजन अधिकारियों के सामने क्लियरेंस के लिए प्रस्तुत करना होता था। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के यात्रियों के लिए CISF द्वारा बोर्डिंग पास स्टैंपिंग की व्यवस्था कई साल पहले ही बंद की जा चुकी है।

निष्कर्ष (Conclusion)

यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए पेपरलेस और डिजिटल एयरपोर्ट प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यात्रियों को इमिग्रेशन के लिए बोर्डिंग पास पर मुहर लगवाने की चिंता नहीं करनी होगी। स्मार्टफोन में मौजूद ई-बोर्डिंग पास दिखाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। हालांकि, जो यात्री कागजी बोर्डिंग पास रखना चाहते हैं, वे उसे अपने पास रख सकते हैं, लेकिन 1 सितंबर से उस पर इमिग्रेशन की मुहर नहीं लगेगी। यह बदलाव देश के सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर लागू होने जा रहा है, जिससे आपकी अंतरराष्ट्रीय यात्रा पहले से कहीं अधिक डिजिटल और आसान हो जाएगी

कई बार विदेशी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को फिज़िकल बोर्डिंग पास की अनिवार्यता के बारें में पता नहीं होता कई घंटों की लाइन में इंतजार करने के बाद जब Immigration अधिकारी के पास पहुचते है तो पता चलता है डिजिटल बोर्डिंग पास नहीं चलेगा फिर यात्री को पुनः एयरलाइन के पास जा कर बोर्डिंग पास लाना पड़ता था जिससे तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता था और कई बार इसके चक्कर में बोर्डिंग गेट  तक पहुचते-पहुचते फ्लाइट उड़ चुकी होती है। बोर्डिंग गेट Departure Time से 20 से 25 मिनट पहले बंद हो जाते हैं, कई बार कई एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) के लिए 30 मिनट या उससे भी समय पहले गेट बंद कर देती है किसी कारण लेट आने वाले यात्रियों को यात्रा के लिए बोर्डिंग पास नहीं मिल पाता जिससे आगे की यात्रा अनुमति नहीं मिल पाती थी अब यात्रियों के लिए आसान होगा, कई बार एयरलाइन स्टाफ भोले-भाले यात्रियों को गुमराह कर लेट बोर्डिंग पास देते थे या उनसे पैसे ले लेते थे अब यात्रियों को ऐसी असुविधों से निजाज मिलेगा।

Immigration अधिकारियों के लिए थोड़ी समस्या है कई बार पैसेंजर स्किप हो जाते थे बोर्डिंग पास स्टाम्प को CISF चेक करती थी स्टाम्प नहीं होने से पुनः Immigration अधिकारी के पास भेज कर verify करते थे अब स्किप होने पर पता नहीं चलेगा Immigration फाइनल clearance पर ही पता चल पाएगा, उस समय यात्री को वापस लाना आसान नहीं होगा, इस लिए यात्रियों की भी जुम्मेदारी है की पासपोर्ट पर Immigration स्टाम्प चेक करें जिससे किसी अकारण असुविधा होने से बच सकें।

ई-बोर्डिंग पास के बारे में आपका क्या सोचना है कमेन्ट बॉक्स में जरूर बताएं

 

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